ग़म को तू अपने
दवा समाज के पी जा
जो नशा इसमे है
वो ख़ुशी जताने में कहाँ ?
ग़म को दूसरे के
एक नशा समाज के पीजा
जो दवा इसमें है
वो ख़ुशी जताने में कहाँ ?
दवा समाज के पी जा
जो नशा इसमे है
वो ख़ुशी जताने में कहाँ ?
ग़म को दूसरे के
एक नशा समाज के पीजा
जो दवा इसमें है
वो ख़ुशी जताने में कहाँ ?
No comments:
Post a Comment